
12 मई 2025 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम एक ऐतिहासिक संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने भारत की सैन्य शक्ति, आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प और वैश्विक मंच पर देश की नई नीतियों को रेखांकित किया। यह संबोधन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और इसके व्यापक प्रभावों पर केंद्रित था। इस लेख में हम भारत की उपलब्धियों, नए सामान्य (न्यू नॉर्मल) की स्थापना, और पाकिस्तान तथा विश्व समुदाय से भारत की अपेक्षाओं को विस्तार से देखेंगे।
भारत की उपलब्धियां: ऑपरेशन सिंदूर का पराक्रम
‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की एकजुटता, संकल्प और भावनाओं का प्रतीक है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों की प्रशंसा की, जिन्होंने इस ऑपरेशन को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। 6 मई की रात और 7 मई की सुबह को भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों, जैसे बहावलपुर और मुरीदके, पर सटीक हमले किए। ये ठिकाने वैश्विक आतंकवाद के केंद्र रहे हैं, जिनके तार 9/11, लंदन ट्यूब बम विस्फोट और भारत में हुए कई आतंकी हमलों से जुड़े थे।
भारत ने इन हमलों में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया और आतंक के प्रमुख सरगनाओं को, जो दशकों से पाकिस्तान में खुलेआम साजिशें रच रहे थे, खत्म कर दिया। पीएम ने इसे “न्याय की अखंड प्रतिज्ञा” करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई देश की माताओं, बहनों और बेटियों को समर्पित है, जिनके माथे का सिंदूर आतंकियों ने उजाड़ने की कोशिश की थी।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई, जिसमें उसने भारत के स्कूलों, मंदिरों, गुरुद्वारों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, नाकाम रही। भारत के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया। भारतीय ड्रोन्स और मिसाइलों ने पाकिस्तानी वायुसेना के अड्डों को तबाह कर दिया, जिससे पाकिस्तान को पहले तीन दिनों में ही भारी नुकसान झेलना पड़ा।
इसके परिणामस्वरूप, 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने भारत के डीजीएमओ से संपर्क कर तनाव कम करने की गुहार लगाई। भारत ने अपनी कार्रवाई को अस्थायी रूप से स्थगित किया, लेकिन चेतावनी दी कि पाकिस्तान के हर कदम को कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। इस ऑपरेशन में ‘मेड इन इंडिया’ हथियारों की प्रभावशीलता ने भी दुनिया को भारत की तकनीकी क्षमता का परिचय दिया।
नया सामान्य: आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति
पीएम मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति और “न्यू नॉर्मल” का प्रतीक बताया। इस नीति के तीन प्रमुख आधार हैं:
1. मुंहतोड़ जवाब: भारत अब आतंकी हमलों का जवाब अपनी शर्तों पर, अपने तरीके से देगा। आतंक की जड़ों को जहां से भी उत्पत्ति होगी, वहां तक पहुंचकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
2. न्यूक्लियर ब्लैकमेल का अंत: भारत किसी भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा। आतंकी ठिकानों पर सटीक और निर्णायक हमले किए जाएंगे, चाहे वे किसी भी आड़ में क्यों न छिपे हों।
3. आतंक और उसके सरपरस्त एक ही: भारत अब आतंकियों और उनकी सरपरस्त सरकारों को अलग नहीं देखेगा। पाकिस्तान में मारे गए आतंकियों को विदाई देने के लिए वहां की सेना के अधिकारियों का उमड़ना स्टेट-स्पॉन्सर्ड आतंकवाद का स्पष्ट सबूत है।
यह नया सामान्य आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को रेखांकित करता है, जो एक बेहतर और सुरक्षित दुनिया की गारंटी है। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी इस नीति को लगातार लागू करेगा ताकि इसके नागरिक किसी भी खतरे से सुरक्षित रहें।
पाकिस्तान से भारत की अपेक्षाएं
पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देना अंततः पाकिस्तान को ही नष्ट कर देगा। शांति का एकमात्र रास्ता आतंकी ढांचे का पूर्ण सफाया है। भारत की नीति स्पष्ट है:
• आतंक और बातचीत साथ नहीं: आतंकवाद और बातचीत, आतंकवाद और व्यापार, या पानी और खून एक साथ नहीं चल सकते।
• बातचीत के मुद्दे: यदि पाकिस्तान से कोई बात होगी, तो वह केवल आतंकवाद और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) पर होगी।
पाकिस्तान को अपनी नीतियों में आमूलचूल परिवर्तन लाना होगा, अन्यथा भारत अपनी कार्रवाइयों को और सख्त करेगा।
विश्व समुदाय से भारत की अपेक्षा
पीएम ने विश्व समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस ही वैश्विक शांति की गारंटी है। भारत की कार्रवाइयों ने यह दिखाया है कि वह न केवल अपनी सुरक्षा के लिए, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी निर्णायक कदम उठाने को तैयार है। विश्व समुदाय को चाहिए कि वह स्टेट-स्पॉन्सर्ड आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा हो और आतंक के समर्थकों को बेनकाब करे।
निष्कर्ष: शांति के लिए शक्ति
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर दिए गए इस संबोधन में पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध के शांति के संदेश को दोहराया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि शांति का मार्ग शक्ति से होकर जाता है। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से अपनी सैन्य, तकनीकी और नैतिक शक्ति का प्रदर्शन किया। यह ऑपरेशन न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीत है, बल्कि 21वीं सदी में भारत की नई वैश्विक भूमिका का भी प्रतीक है।
भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि वह न तो उकसावे को बर्दाश्त करेगा और न ही अपनी संप्रभुता से समझौता करेगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने एक नया इतिहास रचा है, और भारत अब इस नए सामान्य के साथ विश्व मंच पर अपनी शक्ति और शांति के संदेश को और मजबूती से ले जाएगा।
भारत माता की जय!
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